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10 अगस्त को कृमि मुक्ति दिवस और 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस पर बच्चों को खिलाई जाएगी कृमिनाशक दवा

कोरबा, 07 अगस्त 2026/ भारत शासन के दिशा-निर्देशानुसार जिले में बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से मुक्त कराने के लिए आगामी 10 अगस्त को कृमि मुक्ति दिवस तथा 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस मनाया जाएगा। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी के नेतृत्व में जिले के शासकीय एवं […]

कोरबा, 07 अगस्त 2026/ भारत शासन के दिशा-निर्देशानुसार जिले में बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से मुक्त कराने के लिए आगामी 10 अगस्त को कृमि मुक्ति दिवस तथा 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस मनाया जाएगा। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी के नेतृत्व में जिले के शासकीय एवं निजी विद्यालयों, मदरसों, आंगनबाड़ी केंद्रों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अभियान संचालित किया जाएगा।

अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल (कृमिनाशक) की दवा खिलाई जाएगी। 10 अगस्त को दवा खाने से छूटे बच्चों को 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस पर दवा का सेवन कराया जाएगा। अभियान का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार, एनीमिया की रोकथाम तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को बेहतर बनाना है।

सीएमएचओ ने बताया कि कृमि संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। कृमि के कारण बच्चों में खून की कमी, कमजोरी एवं पोषण संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषकर बच्चों में कृमि संक्रमण की रोकथाम के लिए समय-समय पर कृमिनाशक दवा खिलाना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि 1 वर्ष से 2 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली चूरा कर पानी/पीने के पानी के साथ चम्मच से, जबकि 2 से 3 वर्ष तक के बच्चों को पूरी एक गोली चूरा कर पानी के साथ तथा 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों को पूरी एक गोली चबाकर पानी के साथ खिलाई जाएगी। दवा का सेवन स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से कराया जाएगा। सीएमएचओ ने बताया कि एल्बेंडाजोल किशोर एवं किशोरियों के लिए सुरक्षित है। दवा सेवन के बाद कुछ बच्चों में जी मिचलाना, उल्टी-दस्त, पेट में हल्का दर्द या थकान जैसे मामूली प्रभाव महसूस हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों को खुली छायादार जगह पर आराम कराने तथा पानी पिलाने की सलाह दी गई है। यदि बच्चा पहले से बीमार है तो ऐसी स्थिति में एल्बेंडाजोल की गोली नहीं दी जानी है।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने जिले के नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अपने तथा अपने क्षेत्र के 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों को 10 अगस्त को स्कूल, कॉलेज एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलाई जा रही एल्बेंडाजोल की दवा अवश्य खिलाएं। 10 अगस्त को दवा लेने से छूटे बच्चों को 17 अगस्त के मॉप-अप दिवस पर दवा जरूर खिलाई जाए। एल्बेंडाजोल बच्चों में एनीमिया को कम करने, पोषण में सुधार, स्वस्थ एवं वजन बढ़ाने तथा मानसिक एवं शारीरिक विकास में सहायक है।

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