कृषि विज्ञान केंद्र में तीन दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ, महिलाओं और युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार
राजेंद्र जायसवाल/जिला जांजगीर-चांपा, 8 जुलाई।
जांजगीर चांपा में धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध जांजगीर-चांपा जिला अब कृषि आधारित स्वरोजगार की नई दिशा की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में कृषि विज्ञान केंद्र, जांजगीर-चांपा में मशरूम उत्पादन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 40 किसान, स्व-सहायता समूह की महिलाएं तथा युवा उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य कम लागत में अधिक लाभ देने वाली मशरूम खेती को गांव-गांव तक पहुंचाकर महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) ने कहा कि खेतों में बचने वाला पैरा अब बेकार नहीं रहेगा, बल्कि यही पैरा रोजगार और समृद्धि का मजबूत माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि धान के अवशेषों से वैज्ञानिक तरीके से मशरूम उत्पादन कर किसान और महिलाएं अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। यह ऐसा व्यवसाय है जिसमें कम पूंजी, कम भूमि और कम समय में बेहतर मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय मूल्यवर्धित कृषि गतिविधियों को अपनाना आवश्यक है। यदि जिले के युवा और महिलाएं मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लेकर इसे व्यवसाय के रूप में अपनाते हैं तो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के.डी. महंत ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, उत्पादन इकाई की स्थापना, रखरखाव, रोग एवं कीट प्रबंधन, विपणन, पैकेजिंग तथा व्यवसायिक संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। आधुनिक तकनीकों, वीडियो प्रस्तुति एवं प्रायोगिक प्रदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे प्रशिक्षण के बाद स्वयं सफल उद्यमी बन सकें।
इस कार्यक्रम में महतारी सेवा समिति मानिकपुरी समाज, बिरगहनी-चांपा की जिला अध्यक्ष श्रीमती रामशिला मानिकपुरी के नेतृत्व में समिति की पदाधिकारियों एवं सदस्याओं ने पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष श्रीमती शकुंतला महंत, जिला सचिव श्रीमती संदीपा मानिकपुरी, जिला कोषाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी मानिकपुरी सहित समिति की अनेक पदाधिकारी एवं सदस्याएं उपस्थित रहीं और प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाई।
समिति की महिलाओं ने प्रशिक्षण के प्रति विशेष उत्साह दिखाते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। घर की सीमित जगह में भी इसका उत्पादन संभव है, जिससे घरेलू आय बढ़ाने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामूहिक उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार मशरूम केवल आय का साधन ही नहीं बल्कि पोषण का भी महत्वपूर्ण स्रोत है। इसमें प्रोटीन, विटामिन, खनिज एवं औषधीय गुण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। वर्तमान समय में बाजार में इसकी लगातार बढ़ती मांग इसे लाभकारी कृषि व्यवसाय बना रही है।
जिले में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के साथ-साथ महिलाओं, किसानों और युवाओं को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। यदि प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी व्यवसायिक स्तर पर मशरूम उत्पादन प्रारंभ करते हैं, तो जांजगीर-चांपा कृषि आधारित उद्यमिता का एक नया मॉडल बनकर उभर सकता है।
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Stifin Korlan
March 26, 2024A senior editor for The Mars that left the company to join the team of Barfi as a news editor and content creator. An artist by nature who enjoys video games, guitars, action figures, cooking, painting, drawing and good music.