• Home  
  • चीफ इंजिनियर ने किया बांगो बाध का निरीक्षण
- कोरबा - छत्तीसगढ़ - पॉवर सेक्टर - मौसम - राजकाज - समीक्षा

चीफ इंजिनियर ने किया बांगो बाध का निरीक्षण

कोरबा । मिनीमाता हसदेव बांगो बांध का जलस्तर 357.90 मीटर पर पहुंच गया। पानी का भराव 89.55 प्रतिशत है। प्रशासन ने कभी भी गेट खोलने के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संपत्तियों को हटाने कहा गया है। जलस्तर को कम करने हाइडल पावर प्लांट को लगातार चलाया जा रहा है। […]

कोरबा । मिनीमाता हसदेव बांगो बांध का जलस्तर 357.90 मीटर पर पहुंच गया। पानी का भराव 89.55 प्रतिशत है। प्रशासन ने कभी भी गेट खोलने के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संपत्तियों को हटाने कहा गया है। जलस्तर को कम करने हाइडल पावर प्लांट को लगातार चलाया जा रहा है। इससे 30 लाख यूनिट तक बिजली पैदा हो रही है। बांध के कैचमेंट एरिया में झमाझम बारिश की वजह से जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 357.72 मीटर था, शाम को यह बढक़र 357.90 मीटर पहुंच गया।

हसदेव कछार परियोजना बिलासपुर के चीफ इंजीनियर एस. मिंज और अधीक्षण अभियंता ई.एल. एक्का ने बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हाइडल प्लांट को पूरी क्षमता के साथ चलाया जाए। बांध के नीचे में 40-40 मेगावाट की तीन यूनिट है। इसे सुबह 11 बजे से 72 घंटे लगातार चलाया जा रहा है। इसके बाद भी जलस्तर कम नहीं हो रहा है। बांध की क्षमता 359.66 मीटर है। लेकिन सभी गेट को खोलने की नौबत न आए इसके लिए 358 मीटर पहुंचने के बाद गेट खोलकर पानी छोड़ा जाता है। हसदेव बांगो परियोजना के कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती ने शाम को प्रशासन को कभी भी गेट खोलने की सूचना दी। इसके बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। 24 घंटे में बांध में 42.19 मिलियन घन मीटर पानी आया। इसकी वजह से ही जलस्तर बढ़ रहा है। कोरिया जिले में बारिश की वजह से ही जलस्तर तेजी से बढ़ता है। जिले में भी दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इस वजह से नदी/नालों का जल स्तर भी बढ़ा हुआ है। बांगो के सभी गेट खुलने पर ही शहर के कई क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। इस वजह से प्रशासन भी अलर्ट हो गया।

बताया जा रहा हैं की दर्री बैराज का एक गेट रोज खोला जा रहा है। शनिवार को भी 1413 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। सिंचाई के लिए पानी की मांग अभी नहीं है। इसके बाद भी दांयीं तट नहर में 197 और बांयीं तट नहर में 1018 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांगो से अधिक पानी आने पर बैराज के और गेट खुल सकते हैं।

बाढ़ क्षेत्र में आने वाले संभावित ग्रामो बांगो, पोड़ी-उपरोड़ा, कोनकोना, चिर्रा, लेपरा, दुनियाकछार, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, पाथा, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडाड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, छिर्रापारा, धनगांव, डोंगाघाट, नर्मदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू आदि में मुनादी करा दी गयी हैं। जिले में 24 घंटे के भीतर 16.9 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बरपाली तहसील में 35.8 मिली मीटर बारिश हुई है। अभी तक 635.8 मिलीमीटर औसत बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश का 93.9 प्रतिशत है। आगे मानसून की रफ्तार धीमी होगी।

हसदेव बांगो परियोजना के ईई एस.के. भारती ने कहा हैं की बांगो बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इस वजह से कभी भी गेट खोलने की नौबत आ सकती है। इसकी सूचना जारी कर दी गई है। हाइडल प्लांट को लगातार चला रहे हैं। इससे 29 से 30 लाख यूनिट बिजली बन रही है। गेट खोलने की अभी नौबत न आए इसका प्रयास कर रहे हैं।

About Us

Lorem ipsum dol consectetur adipiscing neque any adipiscing the ni consectetur the a any adipiscing.

Email Us: infouemail@gmail.com

Contact: +5-784-8894-678

Empath  @2024. All Rights Reserved.