• Home  
  • ममतामयी मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर बालको में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने दी श्रद्धांजलि
- आयोजन - कोरबा - छत्तीसगढ़ - प्रेरणा - संगठन - सामाजिक - स्मृति

ममतामयी मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर बालको में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने दी श्रद्धांजलि

कोरबा 12 अगस्त। मंगलवार को ममतामयी मिनीमाता जी की पुण्यतिथि के अवसर पर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, बालको खंड (जिला-कोरबा) द्वारा बालको में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ममतामयी मिनीमाता जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी […]

कोरबा 12 अगस्त। मंगलवार को ममतामयी मिनीमाता जी की पुण्यतिथि के अवसर पर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, बालको खंड (जिला-कोरबा) द्वारा बालको में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ममतामयी मिनीमाता जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। साथ ही जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री सुरेंद्र राठौर जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों ने ममतामयी मिनीमाता जी के सामाजिक योगदान, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक न्याय तथा समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष को स्मरण किया।

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिलाध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे ने कहा कि “ममतामयी मिनीमाता जी छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति और सामाजिक चेतना की प्रतीक थीं। उन्होंने समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करना तभी सार्थक होगा, जब हम उनके सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा के विचारों को आगे बढ़ाएं। छत्तीसगढ़िया समाज के अधिकार, सम्मान और अस्मिता की लड़ाई को मजबूत करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।”

छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला महामंत्री राकेश सूर्यवंशी ने कहा कि “मिनीमाता जी ने अपने संघर्ष और सेवा के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने महिलाओं, गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए निरंतर आवाज उठाई। आज की युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेकर सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।”

कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि मिनीमाता जी के सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा के विचारों को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति, अस्मिता और छत्तीसगढ़िया अधिकारों के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।

About Us

Lorem ipsum dol consectetur adipiscing neque any adipiscing the ni consectetur the a any adipiscing.

Email Us: infouemail@gmail.com

Contact: +5-784-8894-678

Empath  @2024. All Rights Reserved.