रायपुर। नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस की ओर से निकाली गई 14 किलोमीटर लंबी ‘न्याय यात्रा’ मंगलवार को अपने उद्देश्य से ज्यादा एक अलग वजह से सुर्खियों में रही। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज यात्रा शुरू होने के बाद करीब 100 मीटर पैदल चलने के बाद ही पैर में दर्द बढ़ने का हवाला देते हुए वाहन में सवार होकर राजभवन के लिए रवाना हो गए। इसके बाद भी कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और प्रभावित परिवार पैदल मार्च जारी रखते हुए आगे बढ़ते रहे।
नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में आयोजित इस पदयात्रा का उद्देश्य प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और न्याय की मांग को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपना था। यात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, महिला कार्यकर्ता और विस्थापित परिवार शामिल हुए।
कांग्रेस ने बताई स्वास्थ्य संबंधी मजबूरी
कांग्रेस नेताओं के अनुसार दीपक बैज के पैर में पहले से मोच थी। पदयात्रा शुरू होने के कुछ ही देर बाद दर्द बढ़ गया, जिसके चलते चिकित्सकीय सलाह पर उन्हें वाहन से राजभवन रवाना किया गया। पार्टी का कहना है कि यह पूरी तरह स्वास्थ्य संबंधी मजबूरी थी।
पदयात्रा जारी रही, नारे भी गूंजते रहे
प्रदेश अध्यक्ष के वाहन से रवाना होने के बावजूद पदयात्रा नहीं रुकी। प्रभावित परिवारों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च जारी रखा। महिलाओं ने रास्ते भर “नकटी में ही घर बनाकर दो” के नारे लगाए और गांव में ही पुनर्वास की मांग दोहराई।
राजनीतिक गलियारों में छिड़ी बहस
14 किलोमीटर की पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का शुरुआती चरण में ही वाहन से आगे बढ़ना राजनीतिक बहस का विषय बन गया। जहां कांग्रेस इसे स्वास्थ्य कारणों से लिया गया निर्णय बता रही है, वहीं राजनीतिक विरोधियों ने इसे लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटनाक्रम को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अब निगाहें आगे की रणनीति पर
कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगा। पार्टी की मांग है कि नकटी गांव के प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। अब देखना होगा कि इस आंदोलन को कांग्रेस किस तरह आगे बढ़ाती है और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।
राजनीतिक संदेश: पदयात्रा का उद्देश्य सरकार को घेरना था, लेकिन यात्रा के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का बीच रास्ते वाहन से आगे बढ़ना खुद राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बन गया।
