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ई-20 पेट्रोल की शुद्धता पर लगी मुहरः मंत्रालय ने कहा- बिना डरे इस्तेमाल करें नया ईंधन

कड़े नियमों और निगरानी के बीच तैयार होता है ईंधन कोरबा 07 अगस्त। हाल ही के दिनों में सोशल मीडिया पर ई20 (इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल की गुणवत्ता और उसमें अशुद्धियों को लेकर कई तरह के सनसनीखेज दावे किए जा रहे थे, जिसकी वजह से देश भर के वाहन चालकों के मन में भारी असमंजस और […]

कड़े नियमों और निगरानी के बीच तैयार होता है ईंधन

कोरबा 07 अगस्त। हाल ही के दिनों में सोशल मीडिया पर ई20 (इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल की गुणवत्ता और उसमें अशुद्धियों को लेकर कई तरह के सनसनीखेज दावे किए जा रहे थे, जिसकी वजह से देश भर के वाहन चालकों के मन में भारी असमंजस और डर की स्थिति पैदा हो गई थी।

इन सभी अटकलों और तमाम तरह की अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने अब स्थिति पूरी तरह से साफ कर दी है। मंत्रालय की तरफ से एक आधिकारिक बयान जारी कर देशवासियों को पूरी तरह आश्वस्त किया गया है कि बाजार में बिकने वाला ई20 पेट्रोल गाड़ियों के लिए एकदम सुरक्षित है और इसे बहुत ही कड़े गुणवत्ता मानकों के तहत ही तैयार किया जाता है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है कि ईंधन की पूरी सप्लाई चेन पर हर एक स्तर पर बेहद बारीकी से नजर रखी जाती है। रिफाइनरी में पेट्रोल के उत्पादन से लेकर पेट्रोल पंप के नोजल से गाड़ियों की टंकी में ईंधन भरे जाने तक, क्वालिटी चेक करने की एक मजबूत बहुस्तरीय प्रणाली काम करती है। इसका एकमात्र उद्देश्य यही सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को किसी भी कीमत पर घटिया या मिलावटी ईंधन न मिले।

सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में फैले 87,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर हर दिन नियमित रूप से सुरक्षा और शुद्धता की जांच की जाती है। पेट्रोल में पानी के रिसाव या उसकी मौजूदगी का पता लगाने के लिए हर दिन प्रत्येक आउटलेट पर 8 से 12 बार टेस्ट किए जाते हैं, क्योंकि इथेनॉल मिले पेट्रोल में नमी आने से गाड़ियों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, क्वालिटी को लेकर किसी भी तरह के शक को दूर करने के लिए हाल ही में 2,000 से ज्यादा पेट्रोल के सैंपल इकट्ठा किए गए थे। इन सभी नमूनों की देश की नामी लैब्स में गहन जांच की गई, जिसमें खास तौर पर क्लोराइड और सल्फाइड जैसे हानिकारक तत्वों की मौजूदगी का परीक्षण हुआ।

सघन जांच अभियान के परिणामों का हवाला देते हुए सरकार ने देश को बताया कि पूरे देश में हजारों टेस्ट किए जाने के बाद सिर्फ दो ही ऐसे स्थान मिले जहाँ तय मानकों में थोड़ी बहुत गड़बड़ी (क्लोराइड की मात्रा) पाई गई। मंत्रालय ने इस पर तुरंत बहुत कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित दोनों पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री को तत्काल प्रभाव से रोक दिया और नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

मंत्रालय की तरफ से यह सख्त चेतावनी भी दी गई है कि यदि देश में किसी भी डीलरशिप या पेट्रोल पंप पर ईंधन की क्वालिटी के साथ कोई भी खिलवाड़ या लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। आम जनता से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी भ्रामक और झूठी खबर पर बिल्कुल ध्यान न दें। ई20 पेट्रोल पूरी तरह से वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही वाहनों के लिए जारी किया जाता है, इसलिए गाड़ी चालकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार के इस साफ-सुथरे रुख के बाद उन सभी वाहन मालिकों का भ्रम दूर हो गया है जो ई20 ईंधन के इस्तेमाल को लेकर लगातार डर के साए में जी रहे थे।

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