रायपुर, 21 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माँ के सम्मान को लेकर सोशल मीडिया पर एक भावपूर्ण संदेश साझा किया है। एक वीडियो के साथ पोस्ट की गई कविता में उन्होंने माँ को ममता, करुणा और जीवन का आधार बताते हुए उनके सम्मान को भारतीय संस्कारों से जोड़ा।
“माँ है ममता, माँ है करुणा, माँ जीवन का आधार है,
माँ के चरणों में समर्पित पूरा ये संसार है।
माँ का करे अपमान वो कुपुत्र ही कहलायेगा,
माँ का करे तिरस्कार वो कहीं ठौर न पायेगा।”
बिना नाम लिए दिया मर्यादा का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किसी राजनीतिक व्यक्ति का नाम नहीं लिया है। उनके संदेश में माँ के सम्मान, भारतीय संस्कृति और सामाजिक मर्यादा को प्रमुखता दी गई है। पोस्ट के साथ साझा किए गए वीडियो में भी माँ के त्याग, स्नेह और वात्सल्य को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।
यह संदेश इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की एक कॉमेडी प्रस्तुति को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है। कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोलने की शैली और हाव-भाव की मिमिक्री की थी।
प्रस्तुति को लेकर भाजपा नेताओं ने जताई आपत्ति
कार्यक्रम की प्रस्तुति के एक हिस्से में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े एक सार्वजनिक प्रसंग का भी उल्लेख किया गया था, जिसमें भीड़ में मौजूद एक बुजुर्ग महिला के लिए कुर्सी उपलब्ध कराने की बात सामने आई थी। इस हिस्से को लेकर भाजपा के कई नेताओं ने आपत्ति जताई और माँ तथा मातृशक्ति के सम्मान का मुद्दा उठाया।
कार्यक्रम में राहुल गांधी मंच पर मौजूद थे। प्रस्तुति के दौरान उनकी प्रतिक्रिया को लेकर भी राजनीतिक बहस देखने को मिली। इसी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री साय का माँ के सम्मान पर केंद्रित संदेश सामने आया है।
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय कवि ओम व्यास की माँ पर केंद्रित काव्य रचना का वीडियो साझा किया है। रचना में माँ के त्याग, ममता और संतान के जीवन में उनके महत्व को प्रमुखता से अभिव्यक्त किया गया है।
माँ को बताया ममता और संस्कार का आधार
मुख्यमंत्री के संदेश का मूल भाव माँ को केवल एक रिश्ते के रूप में नहीं, बल्कि ममता, करुणा, त्याग और संस्कार के स्वरूप के तौर पर देखने का है। उन्होंने कविता की पंक्तियों के माध्यम से माँ के प्रति सम्मान की भावना को सामने रखा है।
संदेश में सीधे तौर पर किसी राजनीतिक व्यक्ति का उल्लेख नहीं है। इसके बजाय माँ के सम्मान को सामाजिक और सांस्कृतिक मर्यादा से जोड़ते हुए यह भाव सामने रखा गया है कि राजनीतिक अथवा वैचारिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन माँ के प्रति सम्मान की भावना बनी रहनी चाहिए।
संदेश का सार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माँ की महिमा पर आधारित कविता साझा करते हुए उनके सम्मान को भारतीय संस्कृति, संस्कार और सामाजिक मर्यादा से जोड़ा है।
