• Home  
  • ‘मुनगा मॉडल’ की गूंज राष्ट्रीय मंच तक, मन की बात में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा’ अभियान का जिक्र
- आयोजन - छत्तीसगढ़ - छत्तीसगढ़ - राजकाज

‘मुनगा मॉडल’ की गूंज राष्ट्रीय मंच तक, मन की बात में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा’ अभियान का जिक्र

रायपुर, 27 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में कुपोषण के खिलाफ स्थानीय संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़कर शुरू किया गया ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान अब राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में छत्तीसगढ़ की इस पहल का उल्लेख करते हुए स्थानीय स्तर […]

रायपुर, 27 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में कुपोषण के खिलाफ स्थानीय संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़कर शुरू किया गया ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान अब राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में छत्तीसगढ़ की इस पहल का उल्लेख करते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों को पोषण अभियान से जोड़ने के प्रयास की सराहना की।

प्रधानमंत्री के उल्लेख के बाद राज्य के इस ‘मुनगा मॉडल’ को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अभियान का मूल उद्देश्य मुनगा के पौधे को घर-घर पहुंचाने के साथ लोगों को इसके पोषण संबंधी महत्व से परिचित कराना है।

कुपोषण के खिलाफ घर-घर तक पहुंचा ‘मुनगा मॉडल’

छत्तीसगढ़ में सितंबर माह को पोषण जागरूकता से जोड़ते हुए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत की थी। अभियान में आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और आम परिवारों को जोड़ा गया है।

सरकार का प्रयास है कि मुनगा जैसे स्थानीय और आसानी से उपलब्ध पौधे को परिवारों के दैनिक भोजन तथा पोषण जागरूकता से जोड़ा जाए। मुनगा के पत्ते, फल और फूल भोजन में उपयोग किए जाते हैं। इसमें आयरन, कैल्शियम सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं।

10 लाख से ज्यादा मुनगा पौधों का वितरण

‘हर घर मुनगा’ अभियान के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बड़े स्तर पर पौधों का वितरण किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेशभर में 10 लाख 29 हजार 831 मुनगा के पौधे वितरित किए जा चुके हैं।

इस अभियान में बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव, सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों को शामिल किया गया है। कोरबा जिले में भी 1,01,002 मुनगा पौधों के वितरण का आंकड़ा सामने आया है।

आंगनबाड़ी केंद्रों को बनाया अभियान का आधार

अभियान में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण रखी गई है। यहां पोषण जागरूकता के साथ परिवारों को मुनगा के उपयोग और पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर विशेष ध्यान देते हुए इसे सामुदायिक भागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

इस पहल की खासियत यह है कि पोषण जागरूकता के लिए किसी महंगे या बाहरी संसाधन पर निर्भरता के बजाय स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौधे को अभियान का माध्यम बनाया गया है। घर के आंगन में लगाया गया मुनगा का पौधा भविष्य में परिवार के लिए पोषण का एक स्थानीय स्रोत बन सकता है।

‘मन की बात’ में राष्ट्रीय पहचान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के अभियान का उल्लेख किए जाने से इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राज्य सरकार के अनुसार जनभागीदारी आधारित स्थानीय प्रयासों को राष्ट्रीय मंच मिलने से ऐसे अभियानों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी सकारात्मक संदेश जाता है।

‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ को केवल पौधरोपण तक सीमित रखने के बजाय इसे पोषण, पर्यावरण, स्थानीय संसाधन और जनभागीदारी को जोड़ने वाली पहल के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

पोषण से जुड़ा स्थानीय संसाधन बना अभियान की पहचान

छत्तीसगढ़ में मुनगा पहले से ही कई परिवारों के भोजन का हिस्सा रहा है। अब इसी स्थानीय परंपरा और उपलब्धता को संगठित अभियान का रूप देकर पोषण जागरूकता से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। यही वजह है कि ‘मुनगा मॉडल’ को स्थानीय संसाधन आधारित जनभागीदारी वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू किए गए इस अभियान का फोकस पौधे लगाने के साथ उसकी देखभाल, उपयोग और पोषण संबंधी जानकारी को परिवारों तक पहुंचाने पर है। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में इसका उल्लेख इस पहल को व्यापक मंच मिलने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Us

Lorem ipsum dol consectetur adipiscing neque any adipiscing the ni consectetur the a any adipiscing.

Email Us: infouemail@gmail.com

Contact: +5-784-8894-678

Empath  @2024. All Rights Reserved.