रायपुर, 19 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में रामनामी समाज की अद्वितीय परंपरा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को ‘सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री’ का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गर्व और सम्मान का क्षण बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉक्यूमेंट्री के निर्देशक भरतबाला गणपति एवं पूरी टीम को इस उल्लेखनीय सफलता के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक फिल्म की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान मिलने का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनामी समाज की अनूठी परंपरा श्रद्धा, आस्था, समर्पण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण है। इस विरासत को प्रभावी और संवेदनशील ढंग से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण कार्य इस डॉक्यूमेंट्री ने किया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह राष्ट्रीय सम्मान छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, जनजातीय एवं लोक समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही यह उपलब्धि प्रदेश के कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा भविष्य में भी ऐसे प्रयासों को पूरा सहयोग देती रहेगी।
