कोरिया। कोरिया जिले का पारंपरिक और सुगंधित जीराफूल चावल अब अपनी स्थानीय पहचान को बड़े बाजार तक ले जाने की तैयारी में है। प्राकृतिक खेती को किसान उत्पादक संगठन यानी FPO के साथ जोड़कर जीराफूल के उत्पादन से लेकर उसकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन तक की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इस पहल से जुड़े 832 किसान प्राकृतिक खेती पद्धति से जीराफूल धान का उत्पादन कर रहे हैं।
खास बात : जीराफूल के लिए अब केवल खेती नहीं, बल्कि गुणवत्ता + प्रमाणन + पैकेजिंग + ब्रांडिंग + बाजार पर एक साथ काम किया जा रहा है।
प्राकृतिक खेती से तैयार हो रहा पारंपरिक धान
कृषि विभाग के अनुसार कलेक्टर रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन में FPO से जुड़े 832 किसान प्राकृतिक खेती पद्धति से जीराफूल धान उगा रहे हैं। किसान खेती में जीवामृत और बीजामृत जैसे जैव आधारित इनपुट का उपयोग कर रहे हैं।
प्राकृतिक तरीके से तैयार जीराफूल धान की गुणवत्ता को बनाए रखने और बाजार में इसकी अलग पहचान बनाने के लिए प्रमाणन तथा बेहतर पैकेजिंग पर भी जोर दिया जा रहा है।
FPO ने किसानों को बाजार से जोड़ा
सोनहत गौरव एग्रोफेड कृषक उत्पादक बहुउद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित के माध्यम से जीराफूल चावल के एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
FPO के जरिए किसान सामूहिक रूप से अपनी उपज को बाजार तक पहुंचा सकते हैं। इससे व्यक्तिगत स्तर पर बाजार तलाशने की चुनौती कम होने के साथ उपज के बेहतर मूल्य हासिल करने के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
खेती से आगे अब मूल्य संवर्धन की तैयारी
जीराफूल को बाजार में स्थापित करने के लिए पूरी प्रक्रिया को एक श्रृंखला के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती से उत्पादन के बाद गुणवत्ता, प्रमाणन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के जरिए उत्पाद को बाजार के लिए तैयार किया जाएगा।
इसका उद्देश्य कोरिया के पारंपरिक चावल को सिर्फ स्थानीय कृषि उपज के तौर पर नहीं, बल्कि विशिष्ट पहचान वाले उत्पाद के रूप में बाजार में स्थापित करना है।
खेत → FPO → प्रसंस्करण → पैकेजिंग → ब्रांडिंग → बाजार
PGS प्रमाणन की दिशा में कदम
प्राकृतिक खेती से तैयार जीराफूल चावल को PGS-प्राकृतिक खेती प्रमाणन के साथ बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे कोरिया के पारंपरिक जीराफूल चावल को प्राकृतिक उत्पाद के रूप में अलग पहचान दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
केंद्र और मुख्यमंत्री ने भी सराहा प्रयास
जीराफूल धान की प्राकृतिक खेती और FPO मॉडल से जुड़े प्रयासों को कृषि मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से सराहे जाने की जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी जिले के किसानों के प्रयासों की सराहना की है।
पारंपरिक कृषि उत्पाद को प्राकृतिक खेती और आधुनिक विपणन व्यवस्था से जोड़ने की यह पहल किसानों के लिए नए बाजार और मूल्य संवर्धन के अवसर खोल रही है।
किसानों को लगातार दिया जा रहा प्रशिक्षण
कृषि विभाग की ओर से किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, जैव-इनपुट निर्माण, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और FPO के माध्यम से विपणन को लेकर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य स्थानीय और पारंपरिक कृषि उत्पादों को संगठित बाजार उपलब्ध कराकर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है।
जीराफूल के साथ किसानों की उम्मीद भी बढ़ी
कोरिया का जीराफूल अब खेत से निकलकर बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्राकृतिक खेती और FPO मॉडल के जरिए तैयार हो रही यह व्यवस्था पारंपरिक उत्पाद को आधुनिक बाजार से जोड़ने की नई कोशिश है।
