रायपुर। निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। क्रिसिल–नीति आयोग इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI) 2026 में राज्य ने नियामकीय सुगमता (Regulatory Ease) और संस्थागत वातावरण (Institutional Environment) श्रेणियों में देश के बड़े राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं पर्यावरणीय सहनशीलता (Environment Resilience) में राज्य दूसरे स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि प्रशासनिक सुधारों, उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेशकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का परिणाम मानी जा रही है। 0
कारोबार करना हुआ पहले से आसान
रिपोर्ट के अनुसार नियामकीय सुगमता के पैमाने पर छत्तीसगढ़ को 12 में से 8.4 अंक मिले हैं। इस श्रेणी में उद्योगों को मिलने वाली मंजूरियां, एनओसी, निर्माण अनुमति, बिजली-पानी कनेक्शन, वाणिज्यिक न्यायालयों की कार्यक्षमता और कारोबार बंद करने की प्रक्रिया जैसे बिंदुओं का मूल्यांकन किया गया। बेहतर प्रदर्शन का अर्थ है कि उद्योगों को कम प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है और निवेश प्रक्रिया अधिक तेज एवं पारदर्शी बनी है।
सुशासन बना निवेशकों का भरोसा
संस्थागत वातावरण श्रेणी में भी छत्तीसगढ़ बड़े राज्यों में शीर्ष पर रहा। इस श्रेणी में नीति की स्थिरता, कानून-व्यवस्था, आर्थिक एवं साइबर अपराध, श्रमिक विवाद और शिकायत निवारण व्यवस्था जैसे पहलुओं का आकलन किया जाता है। रिपोर्ट बताती है कि राज्य ने निवेशकों के लिए भरोसेमंद और स्थिर कारोबारी माहौल विकसित किया है।
आपदाओं से निपटने की बेहतर तैयारी
पर्यावरणीय सहनशीलता श्रेणी में छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर रहा। रिपोर्ट के मुताबिक प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी, औद्योगिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती ने राज्य की निवेश क्षमता को और मजबूत बनाया है।
खनिज संपदा और मजबूत वित्तीय स्थिति बनी ताकत
रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को संसाधनों के मामले में भी मजबूत राज्य बताया गया है। देश में कोयला और लिग्नाइट उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल होने के साथ-साथ धात्विक एवं अधात्विक खनिजों का बड़ा उत्पादक होने का लाभ राज्य को मिला है। वित्तीय प्रबंधन के मामले में भी राज्य का प्रदर्शन बेहतर रहा है तथा उद्योगों का राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।
नई औद्योगिक नीतियों का दिखा असर
औद्योगिक विकास नीति 2024-30, जन विश्वास अधिनियम का नया संस्करण और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 जैसे सुधारों ने निवेश प्रक्रिया को अधिक सरल बनाया है। इन नीतियों के माध्यम से उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम करने और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
एआई और डिजिटल निवेश का नया केंद्र
नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा अत्याधुनिक डिजास्टर रिकवरी डाटा सेंटर की स्थापना भी प्रस्तावित है, जिससे छत्तीसगढ़ भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।
18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव
रिपोर्ट के अनुसार पिछले 18 महीनों में छत्तीसगढ़ को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें सेमीकंडक्टर, एआई डाटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और एग्रो प्रोसेसिंग जैसे नए क्षेत्रों के निवेश शामिल हैं, जो राज्य को देश के उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
